उत्तरा अक्टूबर-दिसंबर 2015

सशक्तीकरण धरातल पर

ब्रजेश जोशी  हमारा सामाजिक ढाँचा ही स्त्री और पुरुष के लिए अलग-अलग भूमिकाएँ निर्धारित करता है। स्त्री और...

पितृसत्ता और उसके हथियार

प्रीति थपलियाल हिन्दू धर्म में पितृसत्तात्मक व्यवस्था को मजबूत करने के लिये विवाह संस्था को स्थापित किया गया...

हमारी दुनिया

सेरोगेसीव्यवसाय नहीं सेरोगेसी के व्यवसायीकरण को रोकने के लिए महिला अधिकारों से जुड़े संगठन थिंक टैंक सेंटर फॉर...

अपने ही लोग : कहानी

दिनेश पाठक लड़की को मैं पहले से नहीं जानता था। शहर में उसे देखे की भी याद नहीं...

सहेलियां : संस्कृति

हरिश्चन्द्र पाण्डे आज बेटी सुबह से व्यस्त हैसहेलियाँ घर पर आयेंगीखाना होगागपशप होगी खूबचीजें तरतीब पा रही हैंओने-कोने...