जनवरी मार्च 2021

Story by Shekhar Joshi

छोटे शहर के बड़े लोग

-शेखर जोशी वहां सुबह-सुबह एक आतंककारी दृश्य उपस्थित हो गया था। किसी हिंस्र पशु की तरह वह क्रोध...

Hubnath Poem

एक असभ्य सवाल

-हूबनाथ वे जानना चाहते हैंकि क्या कर रही हैंऔरतेंकिसान आन्दोलन मेंइन्हें बहुत पुरानी आदत हैऔरतों कोघर में देखने...

Poem Ramesh Chandra Pant

जो पृथ्वी थी

रमेश चन्द्र पन्त वह तब्दील हो गई है कंकाल मेंअपने फटे-पुराने वस्त्रों के साथघिसटती रहती है इधर से...